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[texts]Prafulla Kolkhyan DALIT RAJNITI KI SAMASYAEN - Prafulla Kolkhyan
DALIT RAJNITI KI SAMASYAEN
Keywords: kolkhyan; dalit
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[texts]Prafulla Kolkhyan Format Bhasha Me Bhranti - PrafuLla Kolkhyan
BHASHA ME BHRANTI
Keywords: Kolkhyan
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[texts]de - de
Prafulla Kolkhyan Ki Kahani Terah Kathwa
Keywords: Kolkhyan
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[texts]Prafulla Kolkhyan Apne Morche Par Marane Ki Jid. - Prafulla Kolkhyan
Apne Morche Par Marane Ki Jid.
Keywords: kolkhyan
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[texts]Prafulla Kolkhyan Bhasha Me Bhranti - Prafulla Kolkhyan
Bhasha Me Bhranti
Keywords: kolkhyan
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[texts]Prafulla Kolkhyan Kavitayen.. - Prafulla Kolkhyan
Kavita
Keywords: kolkhyan; kavita; hindi
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[texts]Prafulla Kolkhyan INKAR KA HAQ AUR HAQ KA INKAR - Prafulla Kolkhyan
 INKAR KA HAQ AUR HAQ KA INKAR
Keywords: kolkhyan; hindi
Downloads: 16
[texts]Prafulla Kolkhyan DALIT RAJNITI KI SAMASYAEN - Prafulla Kolkhyan
DALIT RAJNITI KI SAMASYA
Keywords: kolkhyan
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[texts]Prafulla Kolkhyan Kahani MAHAJUTAN - Prafulla kolkhyan
Kahani : MAHAJUTAN
Keywords: Kahani
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[texts]अस्मिता क्या और क्यों - प्रफुल्ल कोलख्यान
नव-सामाजिक आंदोलनों की खासियत यह है कि ये अस्मिता के सवाल को तो उठाते हैं, लेकिन उसके वर्गीय आधार को नकारते  हैं। बल्कि ये अपने को सामाजिक दायरे के नाम पर आर्थिक और राजनीतिक प्रसंग को अपने लिए ...
Keywords: कोलख्यान; अस्मिता; हिंदी; kolkhyan; alochana
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[texts]इतिहास से आती लालटेनों की मद्धिम रोशनियाँ - प्रफुल्ल कोलख्यान
मानव सभ्यता की लंबी यात्रा में, अबौद्धिकता का जोखिम उठाते हुए भी, सुकुमार सपनों का सनातन निवास कविता ही रही है। कविता में जीवन के यथार्थ के प्रति सलूक का अपना सलीका होता है। हमारे समय में इस सभ...
Keywords: kolkhyan; hindi; vimlesh; कोलख्यान; आलोचना
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[texts]डर, जो बाहर भी है और भीतर भी - प्रफुल्ल कोलख्यान
डर एक संदेश भी है इन दिनों। डर का संदेश हो जाना इसलिए भी त्रासद है कि एक समय चित्त की भय-शून्यता की कामना विश्व कवि रवींद्रनाथ के ठाकुर के काव्य में उतरकर कोलकाता ही नहीं, बंगाल ही नहीं, भारत ही न...
Keywords: kolkhyan; hindi; कोलख्यान; निशांत; आलोचना
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[texts]The Noble Quran In Hindi Language King Fahad Complex Www. Quranpdf.blogspot.in Www. Momeen.blogspot.in - www.momeen.blogspot.com --- www.Quranpdf.blogspot.in
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Keywords: islam; urdu; allah; muhammad; nabi; rasool; sahaba; sunni; shia; ahle hadith; brelvi; brelwi; bareli; breli; deobandi; tableeghi; ahle; sunnat; quran hadees; hadith; hanfi; hanifa; r.a; khwateenmuqaam; shirk; bidat; kunde; koondey; ramzan; roze; eid; muslim; musalman; magazine; bukhari; sahi; sahee; muslim; musnad; imam; hanbal; tirmidhi; ibne maja; urdu; hindi; abu dawood; muta malik; ebook; books; download; pdf; adobe; urdu; arabic; shia; rafziyat; rafziat; ahmadiyat; rafaden; pak; company; paak; taj; qudrat; ullah
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[texts]चिढ़ का चौताल - प्रफुल्ल कोलख्यान
चिढ़ना व्यक्तिगत भी होता है और सामाजिक, सामुदायिक, दलीय भी। सुना है, मिथिलांचल के एक गांव के निवासी ‘चटनी-पापड़’ कहने से बुरी तरह चिढ़ते हैं। एक सज्जन बड़े लजालू ढंग से बता रहे थे कि उनके मुहल्...
Keywords: कोलख्यान; चिढ़; हिंदी; kolkhyan
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[texts]Varah Puran - Sanatan
Varah Puran in Hindi - वराह पुराण हिंदी
Keywords: Sanatan; Puran; Puranic; Varah; Ved; Vedic; Rigved; Dharm; Hindi
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[texts]Antim Avtar Feb 2013
Its a hindi monthly magzine.
Keywords: Islamic; samajic
[texts]अपने मोर्चे पर मरने की जिद्द - प्रफुल्ल कोलख्यान
.... घर के बदले पहुँच गया अजायब घर। डेढ़ दो घंटे तक घूम-फिर कर देखने के बाद मन कुछ हल्का था। और था यह एहसास कि किन-किन मुश्किलों का सामना करते हुए, उन पर अपने ढंग की विजय हासिल करते हुए मनुष्य आज तक क...
Keywords: kolkhyan; hindi; कोलख्यान
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[texts]यकीनन, समाधान है साहस - प्रफुल्ल कोलख्यान
हमारा नागरिक समाज एक नहीं है। दिल्ली का नागरिक समाज, मुंबई का नागरिक समाज, कोलकाता, चेन्नेई आदि के न सिर्फ नागरिक समाज अलग-अलग हैं, बल्कि इन नागरिक समाजों की हैसियत भी अलग-अलग है; मणिपुर, मेघालय ...
Keywords: kolkhyan
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[texts]Bhavishya Puran - Sanatan
Bhavishya Puran in Hindi - भविष्य पुराण हिंदी
Keywords: Sanatan; Puran; Puranic; Bhavishya; Ved; Vedic; Rigved; Dharm; Hindi
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[texts]धर्मनिरपेक्ष राज्य और धर्म पर आधारित भारतीय समाज - प्रफुल्ल कोलख्यान
अर्थ के आधार पर बने बहुसंख्यक समाज की अंर्निहित प्रवणता के खतरों से अल्पसंख्यक समाज को बचाने, अर्थात गरीब लोगों के दबाव से अमीर लोगों को बचाने के वास्ते यह जरूरी हो जाता है कि ‘हम’ और ‘अन्य’ क...
Keywords: kolkhyan; कोलख्यान; धर्म; निरपेक्ष; हिंदी; hindi; आलोचना
[texts]पाप के दिन में भी जो नष्ट होने से बच गया - प्रफुल्ल कोलख्यान
आज धर्मवाद और बाजारवाद का नवसंश्रय जगजाहिर है। हमारे जातीय प्रसंग में तो यह लगभग सबसे बड़ा खतरा बनकर आया है। आये भी क्यों नहीं, आखिर तैंतीस कोटि देवी-देवताओं के रोजगार का मामला है! यह धर्मवाद ...
Keywords: कोलख्यान; राजकिशोर; कविता; kolkhyan; hindi
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[texts]लोकतंत्र का चेहरा, चरित्र और सिविल सोसाइटी - प्रफुल्ल कोलख्यान
यह सच है कि वर्तमान लोकतंत्र अपर्याप्त है लेकिन अपरिहार्य भी है, कम-से-कम अभी तो अपरिहार्य ही है। अपर्याप्त का अपरिहार्य होना पूँजीवाद के मर्म से निकले आधुनिक लोकतंत्र की न सिर्फ विडंबना, बल्...
Keywords: कोलख्यान; अण्णा; kolkhyan; anna
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[texts]पर हित और पराई पीर - प्रफुल्ल कोलख्यान
 ‘सर्वभूतों’ को आत्मवत बतानेवाली संस्कृति में ‘पराई पीर’ और  ‘पर हित’ का ‘पर’ कौन है.. इस ‘पर’ की पहचान क्या है? किसी के ‘पर’ हो जाने की प्रक्रिया क्या है? तुलसीदास का संदर्भ लें तो जिसे राम-वैद...
Keywords: कोलख्यान; परहित; पराईपीर; kolkhyan; hindi
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[texts]केदारनाथ सिंह की कविता बाघ - प्रफुल्ल कोलख्यान
श्रीकांत वर्मा की कविता में यह बात रेखांकित है कि सुने जाने का रिवाज खत्म हो जाने पर सोचे जाने के अभाव का हाहाकार ही बचता है। केदारनाथ सिंह की कविता में नगरवासी सोचते हुए पाये जाते हैं-- नगरवास...
Keywords: कोलख्यान; केदारनाथ; बाघ; कविता; kolkhyan
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[texts]19a 2z
Lal Kitab
Keywords: Lal Kitab
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[texts]हिंदी समाज में प्रेमचंद - प्रफुल्ल कोलख्यान
क्षेत्रीयतावाद और संप्रदायवाद दोनों सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की कोख में ही पलते हैं। इस समय एक राष्ट्र के रूप में भारत समकालीन राजनीति के फासीवादी रुझान और सामाजिक पिछड़ेपन की गिरफ्त में फँस...
Keywords: कोलख्यान; प्रेमचंद; आलोचना; समाज; premchand; hindi; kolkhyan
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[texts]जीवन का आख्यान - प्रफुल्ल कोलख्यान
साहित्य पढ़ने से दो तरह के लाभ पर तुरंत ध्यान जाता है। पहला लाभ तो यह कि जिन्हें हम पहले से जानते हैं, उन्हें भी नये तरह से जानने का अवसर मिलता है और दूसरा यह कि जिन्हें हम नहीं जानते हैं, उन से भी ...
Keywords: कोलख्यान; भगवादास; बाबल; उपन्यास; kolkyan; hindi
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[texts]इनकार का हक और हक का इनकार - प्रफुल्ल कोलख्यान
मकान बनाने की ललक बढ़ी है। घर बसाने की ईहा कम हुई है। तलाक की घटना की संख्या में चिंतनीय वृद्धि हुई है। इन्हें जीवन-यापन में स्थायित्व के अवसरों की कमी से भी जोड़कर देखा जा सकता है। ......
Keywords: कोलख्यान; हक; इनकार; kolkhyan
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[texts]उत्तर-औपनिवेशिक वातावरण में वि-उपनिवेशन की उत्तर-कथा - प्रफुल्ल कोलख्यान
जिस संघर्ष के सामने आज का मनुष्य खड़ा है उस संघर्ष में अब शायद किसी बाइपास के लिए कोई जगह नहीं बची है। जगह बची भी हो तो उसके बरताव से बचने के संदेश को सांस्कृतिक संदर्भ में प्रस्तुत किया जाना अल...
Keywords: kolkhyan; कोलख्यान; अलकासरावगी; उपन्यास; हिंदी
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[texts]साहित्य का समाज शास्त्र - प्रफुल्ल कोलख्यान
‘मधुरी बानी’ बोलनेवाली उदारीकरण-निजीकरण-भूमंडलीकरण की वैश्विक प्रक्रिया के अंतर्गत विकसित ‘तिरगुन फाँस’ राष्ट्र और राज्यव्यवस्था की विफलताओं के हवाले से सभ्यता संररचना की मौलिक इकाई के ...
Keywords: कोलख्यान; आलोचना; साहित्य; समाज; शास्त्र; kolkhyan; hindi
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[texts]त्यौहार का तर्क - प्रफुल्ल कोलख्यान
त्यौहार संघर्ष और संतोष, आकांक्षा और उपलब्धि की अंतराल-भूमि पर वह बाग बनकर आता है जहाँ मनुष्य अपनी पीठ पर से सुख-दुख समेत उपलब्धियों की गठरी को उतार कर अपनी आँख में सपनों के पुनर्भव होने के एहस...
Keywords: कोलख्यान; kolkhyan; हिंदी
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[texts]आलोचना विवेक और इतिहास के सवाल - प्रफुल्ल कोलख्यान
कई बार ऐसा प्रतीत होता है कि आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी  सत्य के बहुत करीब पहुँचकर भी सत्य से मुहँ फेर लेते हैं। शास्त्रीय संस्कार को इतिहास दृष्टि और आलोचना विवेक का अवरोधक मानने के अतिरि...
Keywords: कोलख्यान; आलोचना; हजारीप्रसाद; हिंदी; kolkhyan; hindi
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[texts]Padam Puran - Sanatan
Padam Puran in Hindi - पदम् पुराण हिंदी
Keywords: Sanatan; Puran; Puranic; Padam; Ved; Vedic; Rigved; Dharm; Hindi
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[texts]आलोचना की संस्कृति - प्रफुल्ल कोलख्यान
जीवन-विवेक न उभय-निष्क्रियता की बात करता है और न निष्पक्षता की। ऐसा इसलिए कि विषम समाज अपनी निर्मिति में ही पक्षपातपूर्ण होता है। पक्षपातपूर्ण वातावरण में, निष्पक्षता चालू पक्षपातपूर्ण व्य...
Keywords: कोलख्यान; संस्कृति; आलोचना; kolkhyan; hindi
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[texts]प्रफुल्ल कोलख्यान की कुछ कविताएँ - प्रफुल्ल कोलख्यान
इसके पहले कि अखबार में कोई नया लीड आयेमैं जल्दी-से-जल्दीकिलकते हुएबच्चों को चूम लेना चाहता हूँ।
Keywords: कोलख्यान; कविताएँ; kolkhyan; hindi
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[texts]Prafulla Kolkhyan Sathaniya Kavi - Prafulla Kolkhyan
Sathaniya Kavi
Keywords: Kolkhyan; Sathaniy; Kavi
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[texts]आख़िर इस दर्द की दवा क्या है - प्रफुल्ल कोलख्यान
आज भी भारत में `गोहाना' हो जाता है। यह `गोहाना' का हो जाना कोई एकल या अपवाद नहीं है। बदले हुए नाम-रूप से `गोहाना' प्रकट होता ही रहा है। भारतीय संस्कृति में दलित के प्रति सामाजिक सलूक का सलीका ऐसा फा...
Keywords: kolkhyan; hindi; कोलख्यान; संजीवखुदशाह; सफाईकामगार
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[texts]यशपाल साहित्यः नैतिकता की सामाजिक तलाश - प्रफुल्ल कोलख्यान
महत्त्वपूर्ण साहित्य पाठक-दर-पाठक तो गतिमान बना ही रहता है, पीढ़ी-दर-पीढ़ी भी गतिमान बना रहता है। कहना न होगा कि प्रत्येक पीढ़ी साहित्य को नये सिरे से पढ़ती है। ऐसा करते हुए प्रत्येक पीढ़ी अपन...
Keywords: कोलख्यान; यशपाल; नैतिकता; समाज; kolkhyan; alochana; आलोचना
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[texts]स्मृति और अनुभव के असमंजस में संस्कार - प्रफुल्ल कोलख्यान
स्मृति और अनुभव के असमंजस में यु आर अनन्तमूर्ति का ‘संस्कार’…. दुर्वासापुर एक गाँव है। इस गाँव में ब्राह्मण जाति के अलावे अन्य जातियाँ भी रहती हैं, किंतु प्रकाशकीय में इसे दक्षिण भारत का ब्र...
Keywords: kolkhyan; कोलख्यान; संस्कार; उपन्यास; हिंदी
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[texts]ढलती उम्र में मन की उठान - प्रफुल्ल कोलख्यान
अपनी भौतिक परिस्थतियों के कारण चाँद आसमान से हिल नहीं सकता और कुमुदनी आसमान में जा नहीं सकती! फिर? कुमुदनी के प्राण का अधार पानी चाँद की परछाई के लिए जगह बनाता है। यहीं प्रेम का मन भौतिक स्थिति...
Keywords: कोलख्यान; kolkhyan; hindi; प्रेम
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[texts]Skand Puran - Sanatan
Skand Puran in Hindi - स्कंध पुराण हिंदी
Keywords: Sanatan; Puran; Puranic; Skand; Ved; Vedic; Rigved; Dharm; Hindi
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[texts]Matsya Puran I & II - Sanatan
Matsya I, II Puran in Hindi - मत्स्य I, II पुराण हिंदी
Keywords: Sanatan; Puran; Puranic; Matsya; Ved; Vedic; Rigved; Dharm; Hindi
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[texts]Bhagvat Puran - Sanatan
Bhagwat Puran in Hindi - भागवत पुराण हिंदी
Keywords: Sanatan; Puran; Puranic; Bhagwat; Ved; Vedic; Rigved; Dharm; Hindi
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[texts]Markendya Puran - Sanatan
Markendya Puran in Hindi - मार्कंडेय पुराण हिंदी
Keywords: Sanatan; Puran; Puranic; Markendya; Ved; Vedic; Rigved; Dharm; Hindi
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[texts]चिढ़ का चौताल - प्रफुल्ल कोलख्यान
चिढ़ना व्यक्तिगत भी होता है और सामाजिक, सामुदायिक, दलीय भी। सुना है, मिथिलांचल के एक गांव के निवासी ‘चटनी-पापड़’ कहने से बुरी तरह चिढ़ते हैं। एक सज्जन बड़े लजालू ढंग से बता रहे थे कि उनके मुहल्...
Keywords: कोलख्यान; हिंदी; kolkhyan
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[texts]आलोचना की संस्कृति - प्रफुल्ल कोलख्यान
* जीवन-विवेक न उभय-निष्क्रियता की बात करता है और न निष्पक्षता की। ऐसा इसलिए कि विषम समाज अपनी निर्मिति में ही पक्षपातपूर्ण होता है। पक्षपातपूर्ण वातावरण में, निष्पक्षता चालू पक्षपातपूर्ण व्...
Keywords: कोलख्यान; आलोचना; संस्कृति; हिंदी; kolkhyan; hindi
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[texts]जी हाँ... मैं लिखता हूँ... दुख पर काबू पाने के लिए - प्रफुल्ल कोलख्यान
समग्र और वास्तविक दुख या सुख कभी भी व्यक्तिगत मामला नहीं हुआ करता है। दुख और सुख हमारे सामाजिक जीवन का ही व्यक्त्विगत सारांश होता है। दुख है कि आज भी जिधर अन्याय है, उधर ही शक्ति है; बल्कि यह कि ...
Keywords: कोलख्यान; हिंदी; hindi; kolkhyan
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[texts]साहित्य, समाज और जनतन्त्र - प्रफुल्ल कोलख्यान
यह सहज ही परिलक्षित हो जाता है कि विरोध या अंधविरोध की प्रवृत्ति से परंपरा  की जीवित और जीवनदायनी शक्ति की क्षयशीलता में उतनी वृद्धि नहीं होती है जितनी कि नासमझ परंपरा-प्रेम या-अंधप्रेम के आग...
Keywords: कोलख्यान; साहित्य; समाज; जनतन्त्र; kolkhyan
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[texts]Vaivatra Puran - Sanatan
Vaivatra Puran in Hindi - वैवत्र पुराण हिंदी
Keywords: Sanatan; Puran; Puranic; Vaivatra; Ved; Vedic; Rigved; Dharm; Hindi
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[texts]Prafulla Kolkhyan RAVINDRANATH THAKUR KO YAD KARAN KA MATLAB - Prafulla kolkhyan
RAVINDRANATH THAKUR KO YAD KARAN KA MATLAB
Keywords: kolkhyan; ravindranath; bangla
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